क्या आप भी पूछते हैं कि "क्यों भारत इतना बुरा है?" ये सवाल कठोर लग सकता है, पर इसमें छुपी जिज्ञासा समझने लायक है। भारत में कई बड़ी चुनौतियाँ एक साथ हैं — जनसंख्या दबाव, नौकरी की कमी, शिक्षा और स्वास्थ्य की कमी, भ्रष्टाचार और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर। हर समस्या अलग है, इसलिए हर एक के लिए अलग उपाय चाहिए।
पहली बात ये कि समस्या का सारा चार्ज सरकार पर डाल देना आसान है, पर हल तभी निकलेगा जब हम कारण समझें। उदाहरण के लिए, बेरोजगारी सिर्फ नौकरी की कमी नहीं; युवा कौशल और शिक्षा के बीच असमंजस भी है। वहीँ स्वास्थ्य सेवाओं में कमियाँ अक्सर इनफ्रास्ट्रक्चर और फंडिंग के गलत उपयोग से बनती हैं।
जनसंख्या दबाव का असर रोज़मर्रा की जिंदगी पर साफ दिखता है — ट्रैफिक, पानी, स्कूल और अस्पताल। पर असल में समस्या योजना की कमी और संसाधनों के असमान वितरण से बढ़ती है। शहरों में जितना दबाव दिखता है, ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सेवाओं का अभाव उतना ही गंभीर है।
भ्रष्टाचार और सुक्ष्म प्रशासनिक दिक्कतें भी बड़े कारण हैं। जब योजनाएँ जमीन पर सही तरीके से लागू नहीं होतीं तो पैसे और समय दोनों बर्बाद होते हैं। यही वजह है कि कई अच्छे इरादे धरातल पर कम असर दिखाते हैं।
शिक्षा और कौशल में असंतुलन नौकरी देने वाली अर्थव्यवस्था को कमजोर करता है। स्कूलों में बेसिक सुविधाएँ और व्यावहारिक शिक्षा की कमी युवा प्रतिभा को सही दिशा नहीं देती। साथ ही डिजिटल और तकनीकी प्रशिक्षण में भी बड़े अंतर हैं।
पहला कदम है शिफ्ट फोकस — मात्र नीतियाँ बनाने से ज्यादा उन्हें लागू करना जरूरी है। स्थानीय सरकारी इकाइयों को ज्यादा अधिकार और जिम्मेदारी देना परिणाम दिखा सकता है। पंचायत और नगर निकायों को फैसले लेने और फंड उपयोग करने का अधिकार मिलने से फैसले जल्दी और प्रभावी होते हैं।
दूसरा, शिक्षा और कौशल पर ठोस निवेश करें। स्कूल में व्यावहारिक ट्रेनिंग, डिजिटल लर्निंग और स्थानीय उद्योगों के साथ साझेदारी से युवाओं को नौकरी के करीब लाया जा सकता है। तीसरा, पारदर्शिता बढ़ाएँ — डिजिटल भुगतान, खुले डेटा और नागरिक शिकायत मंच भ्रष्टाचार कम कर सकते हैं।
अंत में, छोटे-छोटे बदलाव बड़ा फर्क ला सकते हैं: बेहतर बस व्यवस्था, साफ पानी के लिए लोक-प्रभावी योजनाएँ, और स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य क्लीनिक। हर क्षेत्र में छोटी-छोटी सफलताओं से बड़े बदलाव की नींव रखी जा सकती है।
अगर आप अपने शहर या मोहल्ले में बदलाव चाहते हैं तो वोट दें, स्थानीय मीटिंग में भाग लें और छोटे स्तर पर दबाव बनाएं। बड़े सुधार तभी आएंगे जब नागरिक और संस्थान मिलकर काम करें। भारत की समस्याएँ जटिल हैं, पर असंभव नहीं।
भारत एक अत्यंत अद्भुत देश है जो अनेक प्रकार की समस्याओं से गुजर रहा है। यह अनेक सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और शासनिक समस्याओं का पर्याप्त सामना करना पड़ रहा है। जनसंख्या के बढ़ते दर से लोगों को काम करने के अवसर नहीं मिल रहे हैं और राजनीतिक स्थिति भी अस्थिर है। सरकार की नीतियाँ और कानून भी अधूरी हैं और अनेक क्षेत्रों में भ्रष्टाचार भी है। इसलिए, भारत इतना बुरा है।
इस ब्लॉग में हमने भारत में औसत आयु की कमी के मुख्य कारणों पर चर्चा की है। अनेक स्वास्थ्य सम्बंधित मुद्दों, गंदगी और प्रदूषण, गरीबी और अशिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और अनुचित आहार के कारण भारतियों की औसत आयु कम है। हमने इसे सुधारने के लिए सरकार और नागरिकों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला है।
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मैं अमेरिका में भारतीय पासपोर्ट को नवीनीकरण करने के लिए, पहले से ही एक मान्य पासपोर्ट होना चाहिए। उनके बाद, उसे भारतीय पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए भारतीय दूतावास या अमेरिकी भारतीय कॉन्सुलेट के द्वारा आवेदन किया जाना चाहिए। आवेदन के बाद, आवश्यक दस्तावेजों और शुल्क का भुगतान किया जाना चाहिए। नवीनीकरण प्रक्रिया के बाद, पासपोर्ट को दो साल तक मान्य होगा।