छोटी परेशानी को नजरअंदाजी करना बड़े खतरे में बदल सकता है। सर्दी-खांसी, पेट दर्द, सिरदर्द, पीठ दर्द या एलर्जी—ये रोज़मर्रा की शिकायतें हैं, लेकिन सही तरीका अपनाने पर आप कई मामलों को घर पर ही संभाल सकते हैं। नीचे मैंने आसान, सीधा और असरदार सुझाव दिए हैं ताकि आप तुरंत कर सकें और जानें कब डॉक्टर के पास जाना ज़रूरी है।
बुखार और सर्दी-खांसी: आराम कीजिए, पर्याप्त तरल लें, और हल्का आहार लें। बुखार 38.5°C से ऊपर हो या 48 घंटे में ठीक ना हो तो डॉक्टर दिखाएँ।
पेट दर्द और दस्त: पानी व ओरएस पिएं, तला-भुना बंद रखें और नमक-चीनी संतुलन बनाए रखें। अधिक गंभीर पेट दर्द, लगातार उल्टी या ब्लड वाले दस्त में तुरंत चिकित्सक से मिलें।
सिरदर्द: पर्याप्त पानी, आंखों की राहत (स्क्रीन ब्रेक) और नींद से अक्सर राहत मिल जाती है। अचानक बहुत तेज सिरदर्द या बोलने/देखने में दिक्कत हो तो आपातकाल तय करें।
पीठ दर्द: हल्की स्ट्रेचिंग, गरम पानी की सिकाई और मूवमेंट फायदेमंद होते हैं। अगर कमजोरी, नुमनेस या चलने में समस्या हो, तो स्पाइनल समस्या की जाँच जरूरी है।
त्वचा की जलन या एलर्जी: ठंडा पानी या सोडा-आईस पैक से राहत मिल सकती है; खुजलाने पर संक्रमण बढ़ सकता है। त्वचा पर फैलना या साँस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत मेडिकल सहायता लें।
बुनियादी आदतें सबसे बड़ी सुरक्षा हैं: संतुलित आहार, रोज़ाना 7-8 घंटे की नींद, हफ्ते में कम से कम 3 बार हल्की-तीव्र एक्सरसाइज, और हाथों की साफ़-सफ़ाई। मौसमी बीमारियों में टीकाकरण और वैक्सीन का अपडेट रखें।
वायु प्रदूषण और एलर्जी: जब AQI खराब हो तो बाहर कसरत कम करें, संवेदनशील लोगों को मास्क पहनने की सलाह दें और घर पर एयर प्यूरीफायर या पौधे रखें।
मानसिक सेहत: तनाव, चिंता और नींद की कमी भी शारीरिक बीमारियों को बढ़ाते हैं। रोज़ छोटे ब्रेक लें, सांस की एक्सरसाइज करें और जरूरत लगे तो थेरपिस्ट से बात करें।
कब डॉक्टर दिखाएँ — ध्यान देने वाले संकेत: तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत, छाती में दर्द, बेहोशी, अचानक कमजोरी/नुमनेस, लगातार उल्टी या उच्च स्तर का निर्जलीकरण। इन संकेतों में देरी खतरनाक हो सकती है।
अगर आप सुनिश्चित नहीं हैं, तो प्राथमिक देखभाल क्लीनिक या नजदीकी हॉस्पिटल से फ़ोन पर सलाह लें। न्यूज़ इंसाइड 24 पर हम हेल्थ अपडेट और आसान गाइड लाते रहते हैं ताकि आप सही फैसले ले सकें।
स्वास्थ्य का ध्यान रोज़ की छोटी-छोटी आदतों से बनता है। छोटे संकेतों को नज़रअंदाज मत कीजिए—समय पर सही कदम आपकी सेहत बचा सकते हैं।
आरबीआई ने 23 अक्टूबर 2025 को भाई दूज पर गुजरात, सिक्किम, मनिपुर, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश में बैंक बंदी की घोषणा की। डिजिटल सेवाएँ जारी रहेंगी, ग्राहक को पहले से योजना बनानी चाहिए।
भारत में जीवन कोचिंग एक प्रकार का सेवा है जो मूलत: आवश्यकताओं को पूरा करने और सफलता प्राप्त करने के लिए लोगों को मदद करता है। यह हमारे आत्म विकास और आर्थिक सफलता को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयोगशालाओं, सेवाओं, समाज के लिए सुविधाओं और मार्गदर्शन प्रदान करती है।
शाई होप ने 58 पारियों के बाद अरुण जेटली स्टेडियम में टेस्ट शतक जमाया, जो कैरेबियन क्रिकेट के इतिहास में सबसे लंबा इंतजार है। वेस्टइंडीज ने 390 रन बनाकर भारत को 121 रनों का लक्ष्य दिया।
मैं अमेरिका में भारतीय पासपोर्ट को नवीनीकरण करने के लिए, पहले से ही एक मान्य पासपोर्ट होना चाहिए। उनके बाद, उसे भारतीय पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए भारतीय दूतावास या अमेरिकी भारतीय कॉन्सुलेट के द्वारा आवेदन किया जाना चाहिए। आवेदन के बाद, आवश्यक दस्तावेजों और शुल्क का भुगतान किया जाना चाहिए। नवीनीकरण प्रक्रिया के बाद, पासपोर्ट को दो साल तक मान्य होगा।
इस ब्लॉग में हमने भारत में औसत आयु की कमी के मुख्य कारणों पर चर्चा की है। अनेक स्वास्थ्य सम्बंधित मुद्दों, गंदगी और प्रदूषण, गरीबी और अशिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और अनुचित आहार के कारण भारतियों की औसत आयु कम है। हमने इसे सुधारने के लिए सरकार और नागरिकों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला है।